बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई,
कुछ अपना जमाना याद आया, कुछ उनकी जवानी याद आई,

हम भूल चुके थे उसे जिसने हमें दुनिया में अकेला छोड़ दिया,
जब गौर किया तो एक सूरत जानी-पहचानी याद आई.!!

- Vikas Umrao
31

Hindi |